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खाने में सà¥â€à¤µà¤¾à¤¦ बढ़ाने के लिठहम सà¤à¥€ जायफल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करते हैं। पर कà¥â€à¤¯à¤¾ आप जानती हैं कि यह विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤¾ होता है जो आपके बचà¥à¤šà¥‡ को तमाम तरह की बीमारियों में फायदा पहà¥à¤‚चा सकता है। जी हां, छोटे बचà¥â€à¤šà¥‡ अकà¥â€à¤¸à¤° पेट या मौसमी बीमारियों से परेशाान रहते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप जायफल की सही मातà¥à¤°à¤¾ देकर अपने शिशॠको इन तकलीफों से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिला सकती हैं। हालांकि , इसे उसके आहार में शामिल करने से पहले कम से कम छह महीने तक का इंतजार करें। आइठजानते हैं छोटे बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के लिठजायफल कैसे फायदेमंद है...
​1. पेट से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥â€à¤²à¤®à¥â€à¤¸ को रखे दूर
अकà¥â€à¤¸à¤° बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में गैस बनने लगती है जिसकी वजह से वह चिड़चिड़े हो जाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में उनकी डायट में जायफल शामिल कर के इस समसà¥â€à¤¯à¤¾ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाया जा सकता है। उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ जायफल देने से पेट में à¤à¤‚ठन या दरà¥à¤¦ से तà¥à¤°à¤‚त आराम मिलेगा।
​2. नींद लाने में करे मदद
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के लिठजायफल का उपयोग लंबे समय से किया आता जा रहा है। बेबी की दूध की बॉटल में थोड़ा सा जायफल पाउडर मिला देने से वह शांत हो कर सो जाते हैं। इससे उनके पेट में à¤à¥€ कोई तकलीफ नहीं होती जिससे वे अकà¥â€à¤¸à¤° सोते समय उठजाते हैं।
​3. अपच की समसà¥à¤¯à¤¾ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाà¤
शिशà¥à¤“ं का पाचन तंतà¥à¤° ठीक से डेवलप न होने के कारण उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपच की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में आपके उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ ठोस आहार देने से उनके पेट में दरà¥à¤¦, गैस, या दसà¥à¤¤ à¤à¥€ हो सकता है। दसà¥à¤¤ के समय शिशॠको जायफल देना कारगर साबित हो सकता है।
​4. सरà¥à¤¦à¥€ और खांसी के इलाज में मददगार
यह चमतà¥à¤•ारिक मसाला शरीर को गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। जिससे उनकी सरà¥à¤¦à¥€ और खांसी कà¥à¤› समय में ठीक हो जाती है। बचà¥à¤šà¥‡ की ठंड के लिठजयफल देना सबसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ घरेलू उपचारों में से à¤à¤• है।
​शिशॠको जायफल देने का तरीका
अपने बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में इस मसाले को शामिल करने के लिठसबसे पहले इसे किसी साफ पतà¥â€à¤¥à¤° पर 1 चमà¥â€à¤®à¤š दूध या पानी के साथ पीस लें। इसके बाद इस पेसà¥â€à¤Ÿ को अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ के दूध, दलिया, अनाज आदि में मिला कर दे दें।
​कितना डोज देना होगा सही
जायफल खिलाते वकà¥â€à¤¤ आपको बहà¥à¤¤ सावधानी बरतनी चाहिà¤à¥¤ जब तक बचà¥â€à¤šà¤¾ 6 महीने का नहीं हो जाता है, तब तक आपको अपने बचà¥à¤šà¥‡ को जयफल या कोई अनà¥à¤¯ मसाला नहीं देना चाहिà¤à¥¤ यदि आपका शिशॠछह महीने से अधिक उमà¥à¤° का है तो गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मौसम में इसे दिन में à¤à¤• बार 0.5 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® और सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में 0.5 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® दो बार दे सकती हैं। हालांकि, अपने बचà¥à¤šà¥‡ के डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से सलाह लेने के बाद ही इसे उसके आहार में शामिल करें।
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